संगठनात्मक ढाँचा
ग्राम प्रमुख से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक — एक सुव्यवस्थित एवं उत्तरदायी व्यवस्था।
पद एवं दायित्व
बालाजी धर्म सेना का संगठन पाँच स्तरों पर कार्य करता है। प्रत्येक पद के साथ स्पष्ट दायित्व निर्धारित हैं।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी
सम्पूर्ण राष्ट्र में संगठन का नेतृत्व एवं नीति निर्धारण।
राष्ट्रीय अध्यक्ष
सम्पूर्ण राष्ट्र में बालाजी धर्म सेना का सर्वोच्च नेतृत्व।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
राष्ट्रीय अध्यक्ष के सहयोग से संगठन का संचालन।
राष्ट्रीय संयोजक
राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश इकाइयों का समन्वय।
प्रदेश कार्यकारिणी
प्रदेश स्तर पर जिलों का समन्वय एवं संगठन विस्तार।
प्रदेश अध्यक्ष
सम्पूर्ण प्रदेश में बालाजी धर्म सेना का नेतृत्व।
प्रदेश उपाध्यक्ष
प्रदेश अध्यक्ष के सहयोग से प्रदेश में संगठन संचालन।
प्रदेश संयोजक
प्रदेश स्तर पर जिलों के मध्य समन्वय।
जिला कार्यकारिणी
जिला स्तर पर गतिविधियों का संचालन एवं ब्लॉक इकाइयों का मार्गदर्शन।
जिला अध्यक्ष
सम्पूर्ण जिले में बालाजी धर्म सेना का नेतृत्व।
जिला उपाध्यक्ष
जिला अध्यक्ष के सहयोग से जिले में संगठन का संचालन एवं विस्तार।
जिला संयोजक
जिला स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों का समन्वय।
जिला सदस्य
जिला कार्यकारिणी का सदस्य।
ब्लॉक इकाई
ब्लॉक स्तर पर ग्राम इकाइयों का समन्वय।
ब्लॉक संयोजक
ब्लॉक स्तर पर ग्राम इकाइयों का समन्वय।
ग्राम इकाई
गाँव स्तर पर धर्म जागरण एवं सेवा कार्यों का संचालन।
ग्राम प्रमुख
ग्राम स्तर पर संगठन का नेतृत्व एवं गतिविधियों का संचालन।
सामान्य सदस्यता
संगठन का आधार स्तंभ — प्रत्येक समर्पित कार्यकर्ता।
सदस्य
डिफ़ॉल्टसामान्य सदस्य — संगठन का आधार स्तंभ। धर्म, सेवा एवं संस्कार के प्रचार-प्रसार में सहभागिता।
दायित्व हेतु अपेक्षित योग्यता
दायित्व
- क्षेत्र में धर्म रक्षा एवं हिंदू एकता का कार्य करना
- संस्कार, सत्संग एवं जागरण कार्यक्रम आयोजित करना
- गौ सेवा, पर्यावरण सुरक्षा एवं समाज सेवा में सहयोग
- युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना
- वरिष्ठ पदाधिकारियों से समन्वय बनाए रखना
अपने क्षेत्र में संगठन का नेतृत्व करें
सदस्यता प्राप्त करने के उपरांत आपकी सक्रियता एवं योगदान के आधार पर संगठन द्वारा दायित्व सौंपा जाता है, जिसका आधिकारिक नियुक्ति पत्र आपके पैनल में उपलब्ध होता है।
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